]> विद्यार्थियों ने प्रकृति का निकट से अवलोकन करते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में जल, जंगल एवं वन्यजीवों की महत्वपूर्ण भूमिका को समझा।
शिमला। वन्यजीव सप्ताह के उपलक्ष्य में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS) ढली, शिमला द्वारा विद्यार्थियों के लिए जलागम (Water Catchment) क्षेत्र का शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को जलागम क्षेत्रों के महत्व, प्राकृतिक आवासों के संरक्षण, वनों की उपयोगिता तथा वन्यजीवों के संरक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों ने प्रकृति का निकट से अवलोकन करते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में जल, जंगल एवं वन्यजीवों की महत्वपूर्ण भूमिका को समझा।

विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा, प्लास्टिक प्रदूषण से बचाव तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने भी वन्यजीवों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने तथा प्रकृति की रक्षा के लिए सदैव सक्रिय रहने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सुशीला शक्तान ने अपने संदेश में कहा कि “आज के समय में विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना भी अत्यंत आवश्यक है। वन्यजीवों, वनों एवं जल स्रोतों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण की भावना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करते हैं। मुझे विश्वास है कि हमारे विद्यार्थी प्रकृति संरक्षण के सच्चे प्रहरी बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि विद्यार्थियों के समग्र विकास, पर्यावरणीय जागरूकता एवं अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।















