]> 210 टन वजनी रोटर को सफलतापूर्वक निर्धारित स्थान पर उतारा गया, यूनिट-1 के निर्माण एवं कमीशनिंग की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर
ऋषिकेश : टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने 444 मेगावाट (4×111 मेगावाट) क्षमता वाली विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। परियोजना की यूनिट-1 के हाइड्रोजेनरेटर के रोटर को सफलतापूर्वक निर्धारित स्थान पर उतार दिया गया। लगभग 210 टन वजनी यह रोटर हाइड्रोजेनरेटर के सबसे महत्वपूर्ण घटकों में से एक है। इस अवसर पर टीएचडीसीआईएल के प्रबंध निदेशक सिपन कुमार गर्ग ने कहा कि यूनिट-1 के रोटर को सफलतापूर्वक उतारा जाना वीपीएचईपी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह परियोजना टीम और उससे जुड़ी एजेंसियों की प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता तथा समन्वित प्रयासों को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीम इसी गति को बनाए रखते हुए आगामी लक्ष्यों को पूरा करेगी और परियोजना के सफल कमीशनिंग की दिशा में आगे बढ़ेगी।

रोटर को साइट पर पूरी तरह असेंबल करने के बाद 29 सितंबर को सफलतापूर्वक निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य के पूरा होने के बाद अब परियोजना टीम टॉप शाफ्ट और अपर ब्रैकेट की असेंबली, इसके बाद अलाइनमेंट, सेंटरिंग और लेवलिंग का कार्य करेगी। इन कार्यों के पूरा होने से जनरेटर के बॉक्स-अप का मार्ग प्रशस्त होगा, जो यूनिट-1 के निर्माण में एक और महत्वपूर्ण चरण होगा।
टीएचडीसीआईएल के कार्यकारी निदेशक (प्रोजेक्ट्स) कुमार शरद ने वीपीएचईपी टीम और संबंधित एजेंसियों को यूनिट-1 के रोटर को सफलतापूर्वक उतारने पर बधाई दी। उन्होंने परियोजना के इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्यों को आगे बढ़ाने में टीम के समन्वित प्रयासों की सराहना की।
वहीं, कार्यकारी निदेशक (वीपीएचईपी) अजय वर्मा ने इस उपलब्धि के लिए परियोजना टीम और संबंधित एजेंसियों की मेहनत, समर्पण एवं तकनीकी दक्षता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि यूनिट-1 के निर्माण एवं कमीशनिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
इस अवसर पर रविंद्र सिंह राणा, महाप्रबंधक (ईएम), बी.एस. पुंडीर, महाप्रबंधक (प्लानिंग एवं सेफ्टी) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं परियोजना टीम के सदस्य उपस्थित रहे।



















