बिलासपुर। मंजुषा सहायता केन्द्र कलोल द्वारा जरूरतमंद महिलाओं एवं छात्राओं को निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में हाल ही में तीन जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई।
गांव खवाली डाकघर झुलाड़ा जिला चंबा की निवासी हितो को उनके पति द्वारा मारपीट कर घर से निकाल दिया गया है। उनका पति फिलहाल फरार है। वर्तमान में वह अपनी वृद्ध माता के साथ रह रही हैं तथा उनकी एक बेटी पांचवीं कक्षा में अध्ययनरत है। इस मामले को लेकर उन्होंने फैमिली कोर्ट में केस दायर किया हुआ है। जब तक कोई निर्णय नहीं हो जाता तब तक मंजुषा सहायता केन्द्र द्वारा उन्हें 1000 रुपये मासिक पेंशन देगी। इसके अतिरिक्त शनिवार को निफट द्वारा उन्हें 6000 रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।

इसी कड़ी में रिक्की रवाय जो आइजोल मिजोरम राज्य की निवासी हैं उनकी माता विधवा हैं और वह वर्तमान में 11वीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। उनकी पढ़ाई में सहयोग के लिए उन्हें 5000 रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
वहीं गांव पोसी – गढ़शंकर पंजाब की सिमरन जिनके पिता ड्राइवर हैं और परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है को भी सहायता प्रदान की गई है। मंजुषा सहायता केन्द्र ने सिमरन को 12वीं तक शिक्षा दिलवाई है और अब उसे जेएनएम (नर्सिंग) में दाखिला दिलवाया जा रहा है। उसे ननिहाल से भी कुछ सहयोग प्राप्त हो रहा है। केन्द्र द्वारा उसे 5000 रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। इसके अलावा सिमरन की बड़ी बहन जो बीसीए कर रही है को कॉलेज आने जाने को लेकर 3000 रुपए परिवहन खर्चा वहन किया जा रहा है । मंजुषा सहायता केन्द्र के अध्यक्ष कर्नल जसवंत सिंह चन्देल का यह प्रयास समाज के उन कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।














