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हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक नवोन्मेषी पहल

शिमला :हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर. एस. बाली ने आज यहां पत्रकार-वार्ता में कहा कि निगम की निदेशक मंडल की बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां में बनेर खड्ड के किनारे लगभग 180 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य फाइव स्टार होटल का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक के तहत विकसित की जा रही है। इस होटल में प्रदेश का पहला म्यूजिकल फाउंटेन भी स्थापित किया जाएगा, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का विशेष केंद्र बनेगा। यह होटल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। इस परियोजना के लिए टेंडर 6 अप्रैल, 2026 को किया जाएगा।

श्री बाली ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में निगम के टर्नओवर में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2021-22 में निगम का टर्नओवर 78 करोड़ रुपये था, जो 2022-23 में बढ़कर 109 करोड़ रुपये हुआ। वर्ष 2023-24 में यह 105 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2024-25 में इसे बढ़ाकर 107 करोड़ रुपये तक पहुंचाया गया है। पर्यटन को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार पर लगभग 2000 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, शिमला स्थित निगम के प्रतिष्ठित होटल ‘हॉलिडे होम’ के नवीनीकरण के लिए 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसके लिए केंद्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि मनाली के तीन होटलों का नवीनीकरण कार्य प्रगति पर है। हमीर होटल के लिए 20 करोड़ रुपये तथा होटल ज्वालाजी के नवीनीकरण के लिए 35 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।

निगम ने निदेशक मंडल की बैठक में कॉल सेंटर स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे पर्यटकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। होटलों में पारदर्शिता एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लाइंग स्क्वायड गठित किया जाएगा, जो समय-समय पर निरीक्षण कर अनियमितताओं पर नजर रखेगा।

श्री बाली ने कहा कि होटलों के नवीनीकरण के दौरान आय में अस्थायी कमी आ सकती है। ऐसे में कर्मचारियों के वेतन की निरंतरता बनाए रखने के लिए सरकार से सहयोग लिया जाएगा तथा वेतन व्यय को भी परियोजनाओं में समायोजित करने पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों के विकास के लिए लगभग 250 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। पालमपुर और हमीरपुर में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, नादौन पर्यटन परिसर के लिए 15 करोड़ रुपये तथा देहरा पर्यटन परिसर के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी केंद्र सरकार से प्राप्त हो चुकी है।
उन्होंनेे कहा कि इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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