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2.3 लाख से अधिक मतदाता घर से मतदान की सुविधा का लाभ उठाएंगे

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं तथा 6 राज्यों में उप-चुनावों के लिए 15 मार्च 2026 को चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया। असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा।

आयोग, जन प्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 60(सी) के अनुसार, 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ मतदाताओं और मतदाता सूची में चिन्हित दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्‍ल्‍यूडी) को डाक मतपत्र के माध्यम से घर से मतदान (होम वोटिंग) की वैकल्पिक सुविधा प्रदान करता है। ऐसे मतदाताओं को अधिसूचना की तिथि से 5 दिन के भीतर अपने संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के पास आवेदन करना होता है।

मतदाता को होम वोटिंग के कार्यक्रम की पूर्व सूचना दी जाएगी और मतदान अधिकारियों की एक टीम मतदाता के निवास स्थान पर जाकर उनका वोट एकत्र करेगी।
केरल, असम और पुडुचेरी के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में होम वोटिंग पहले ही शुरू हो चुकी है और 5 अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी। यदि पहली बार में मतदाता उपलब्ध नहीं होता है, तो दूसरी बार भी दौरा किया जाएगा।

मतदान अधिकारियों के साथ एक वीडियोग्राफर और पुलिस सुरक्षा भी होगी, तथा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी ताकि मत की गोपनीयता बनाए रखते हुए अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को होम वोटिंग सुविधा का लाभ लेने वाले मतदाताओं की सूची प्रदान की जाती है। प्रक्रिया के अनुसार, सभी उम्मीदवारों को मतदान टीमों के दौरे के कार्यक्रम की जानकारी दी जाती है, और यदि वे चाहें तो फॉर्म 10 के माध्यम से निर्वाचन अधिकारी को सूचना देकर अपने प्रतिनिधि को मतदान टीम के साथ भेज सकते हैं।
शेष 85 वर्ष से अधिक आयु के तथा दिव्यांग मतदाता, जिन्होंने वैकल्पिक होम वोटिंग सुविधा का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें मतदान केन्‍द्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी, जिनमें स्वयंसेवक, व्हीलचेयर और अन्य सहायता शामिल हैं, ताकि उन्हें मतदान का सुविधापूर्ण अनुभव मिल सके।

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