एसजेवीएन और एनएचपीसी के निदेशक (वित्त) ने संचालन, वित्तीय प्रबंधन और दक्षता सुधार पर दिए अहम सुझाव
बायल : रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन का दौरा करते हुए एसजेवीएन के निदेशक (वित्त) पार्थजीत डे और एनएचपीसी के निदेशक (वित्त) महेश कुमार शर्मा ने परियोजना के संचालन एवं वित्तीय प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की।
दौरे के दौरान परियोजना प्रमुख विकास मारवाह तथा लूहरी हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के प्रमुख विवेक शर्मा ने अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद अधिकारियों ने पावर हाउस का निरीक्षण किया और परियोजना की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
विकास मारवाह ने एक विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से स्टेशन के संचालन, प्रमुख उपलब्धियों और वित्तीय स्थिति की जानकारी दी। इस दौरान संचालन दक्षता बढ़ाने और उच्च स्तर के बिजली उत्पादन को बनाए रखने की रणनीतियों पर भी गहन चर्चा हुई।

पार्थजीत डे ने रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए 31 मार्च 2026 को हासिल किए गए अब तक के सर्वाधिक 2108.033 मिलियन यूनिट वार्षिक उत्पादन को विशेष उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मजबूत संचालन अनुशासन, सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और ओएंडएम टीम की समर्पित मेहनत का परिणाम है। उन्होंने रामपुर परियोजना को देश के सर्वश्रेष्ठ पावर हाउसों में से एक बताते हुए इस गति को बनाए रखने और निरंतर सुधार पर जोर दिया।
वहीं, महेश कुमार शर्मा ने भी परियोजना की प्रगति की सराहना करते हुए तकनीकी दक्षता और वित्तीय अनुशासन के बीच तालमेल को आवश्यक बताया। उन्होंने टीम को नए मानक स्थापित करने और उत्कृष्टता की दिशा में लगातार प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया।

दौरे के दौरान दोनों गणमान्य अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाते हुए पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर एसजेवीएन के वरिष्ठ अधिकारी और रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन के सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।















