• Home
  • देश
  • पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में भारी कटौती
Image

पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में भारी कटौती

नई दिल्ली। भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर उत्पाद शुल्क में तत्काल प्रभाव से 10 रुपये प्रति लीटर की कमी कर दी है। यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में हुई तीव्र वृद्धि के बाद लिया गया है, जो पिछले एक महीने में लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान के कारण चार सप्ताह से भी कम समय में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।

पेट्रोल और डीजल के खुदरा पंप मूल्यों में कोई बदलाव नहीं होगा। उत्पाद शुल्क में कटौती का सीधा असर पंप पर कीमतों में कटौती के रूप में नहीं पड़ रहा है। इसके बजाय, यह सीधे तौर पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन – द्वारा वहन किए जा रहे घाटे (अंडररिकवरी) को कम करता है। ये कंपनियां भारतीय उपभोक्ताओं को आपूर्ति लागत से काफी कम कीमतों पर ईंधन की आपूर्ति जारी रखे हुए हैं। विद्यमान अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर, पेट्रोल पर लगभग 26 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 81.90 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। तेल विपणन कंपनियों द्वारा वहन किया जा रहा कुल दैनिक घाटा लगभग 2,400 करोड़ रुपये है। उत्पाद शुल्क में कटौती से इन घाटे में से 10 रुपये प्रति लीटर की भरपाई हो जाती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि तेल विपणन कंपनियां खुदरा कीमतों को अपरिवर्तित रखते हुए बिना किसी रुकावट के ईंधन की आपूर्ति जारी रख सकें।

वैश्विक ईंधन बाजारों के साथ तुलना करना महत्वपूर्ण है। वर्तमान संकट की शुरुआत से ही दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में ईंधन की कीमतों में 30 से 50 प्रतिशत, उत्तरी अमेरिका में 30 प्रतिशत और यूरोप में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारत ने संतुलित रुख बनाए रखा है। इस स्थिरता की एक वित्तीय लागत है और सरकार ने इसे वहन करने का विकल्प चुना है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा:

“सरकार के सामने दो विकल्प थे: या तो अन्य सभी देशों की तरह भारत के नागरिकों के लिए कीमतों में भारी वृद्धि करना, या फिर खुद पर वित्तीय बोझ उठाना ताकि भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से सुरक्षित रह सकें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकारी खजाने पर बोझ डालने का निर्णय लिया। आसमान छूती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के इस दौर में तेल विपणन कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने अपने कर राजस्व में अत्यधिक कमी की है।”

उत्पाद शुल्क में कमी के साथ-साथ सरकार ने डीजल पर निर्यात शुल्क भी लागू कर दिया है। ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डीजल की कीमतों में भारी उछाल आया है, यह शुल्क निर्यात को हतोत्साहित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए लगाया गया है कि रिफाइनरी उत्पादन का उपयोग मुख्य रूप से घरेलू मांग को पूरा करने के लिए किया जाए। भारतीय पेट्रोल पंपों पर डीजल की पूरी आपूर्ति सुनिश्चित करना निर्यात से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है, चाहे वर्तमान वैश्विक कीमतों पर निर्यात कितना भी आकर्षक क्यों न हो।

यह निर्णय 2022 के रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद अपनाई गई रणनीति के अनुरूप है, जब तेल और गैस कंपनियों ने लगातार नुकसान उठाया और सरकार ने वैश्विक मूल्य अस्थिरता से परिवारों और व्यवसायों को बचाने के लिए केंद्रीय करों में कटौती की। आज लिए गए निर्णय में भी यही सिद्धांत लागू होता है : भारत के नागरिकों और उद्योगों को उन व्यवधानों का बोझ नहीं उठाना चाहिए जो उन्होंने उत्पन्न नहीं किए हैं। सरकार वैश्विक ऊर्जा स्थिति पर निरंतर दृष्टि रखेगी और भारतीय उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति स्थिरता और मूल्य संरक्षण बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगी।

Releated Posts

विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना में यूनिट-1 के हाइड्रोजेनरेटर रोटर की सफल लैंडिंग

]> 210 टन वजनी रोटर को सफलतापूर्वक निर्धारित स्थान पर उतारा गया, यूनिट-1 के निर्माण एवं कमीशनिंग की…

ByByadmin Oct 6, 2026

विपस्सना—अपने भीतर लौटने की साधना

आज का मनुष्य भौतिक सुविधाओं के बावजूद तनाव, चिंता, क्रोध और असंतोष से घिरा हुआ है। जीवन की…

ByByadmin Sep 7, 2026

पालि पखवाड़ा 2026 : पालि भाषा से जन-जन तक पहुंचेगी धम्म और भारतीय ज्ञान-परंपरा की विरासत

]> पालि केवल बौद्ध धर्मग्रंथों की भाषा भर नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन बौद्धिक एवं सांस्कृतिक…

ByByadmin Sep 7, 2026

मंत्रिमंडल ने सेमीकॉन  2.0 को मंजूरी दी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण…

ByByadmin Jul 15, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top