]> 645 मत हासिल कर दर्ज की शानदार जीत, स्व. मनसा राम हरनोट के बाद पहली बार घरयाणा को मिला पंचायत समिति में प्रतिनिधित्व
शिमला। रियोग-घरयाणा क्षेत्र के पंचायत समिति (बीडीसी) चुनाव में ग्राम पंचायत घरयाणा की कुसुम लता ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर 35 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वर्ष 2026-27 के पंचायत चुनाव में उन्होंने 645 मत प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को बड़े अंतर से पराजित किया।
गौरतलब है कि वर्ष 1990-91 में क्षेत्र के प्रथम बीडीसी सदस्य स्वर्गीय मनसा राम हरनोट के पंचायत समिति में पहुंचने के बाद पहली बार घरयाणा गांव को दोबारा बीडीसी स्तर पर प्रतिनिधित्व मिला है। इस उपलब्धि को क्षेत्र के लोग घरयाणा गांव की एकता, विश्वास और जनसमर्थन की जीत के रूप में देख रहे हैं।

कुसुम लता ने आरक्षित महिला वर्ग से चुनाव लड़ते हुए शानदार विजय हासिल की। उनके नेतृत्व में घरयाणा ने 35 वर्षों बाद पंचायत समिति में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराकर नया इतिहास रचा है।
चुनाव परिणामों के अनुसार कुसुम लता को 645 मत प्राप्त हुए, जबकि बशैलड़ी की रीना को 466, फरनेवट की लता कुमारी को 436, पटूखर की हेमलता को 388 तथा पटूखर की चंद्रकांता को 65 मत मिले।
रियोग-घरयाणा क्षेत्र के बीडीसी प्रतिनिधित्व के इतिहास पर नजर डालें तो स्वर्गीय मनसा राम हरनोट (1990-96) क्षेत्र के प्रथम बीडीसी सदस्य रहे। इसके बाद परसराम हरनोट ने लगातार दो कार्यकाल तक प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2006 से 2026 तक विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, जिनमें वंदना, श्याम लाल, प्रेमा ठाकुर और लोकचंद शामिल रहे। अब वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुसुम लता क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगी।
क्षेत्रवासियों ने इस जीत को विकास और जनभागीदारी की नई शुरुआत बताते हुए उम्मीद जताई है कि पंचायत समिति में घरयाणा की आवाज पहले से अधिक मजबूती के साथ उठेगी।















