शिमला। हिमाचल प्रदेश में दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित विधायकों को पेंशन से वंचित करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ‘विधायकों के भत्ते व पेंशन संशोधन विधेयक, 2026’ विधानसभा में पेश किया।
विधेयक के अनुसार, अयोग्य ठहराए गए विधायकों को पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। यह प्रावधान 14वीं विधानसभा और उसके बाद चुने जाने वाले विधायकों पर लागू होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम दल-बदल पर रोक, जनादेश की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। विधेयक पारित होने के बाद इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद नए नियम लागू होंगे।















