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श्रावस्ती में नए राजमार्ग बुद्ध के पवित्र स्थलों के द्वार खोलेंगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश का श्रावस्ती जिला बौद्ध जगत में अपार आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। ऐसा माना जाता है कि यह उन स्थानों में से एक है जहां भगवान बुद्ध ने कई मानसून की सीजन बिताए और अपने अनेक उपदेश दिए। श्रावस्ती विद्वानों, आध्यात्मिक साधकों और भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत में रुचि रखने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करता है।

विश्व स्तर पर पूजनीय बौद्ध तीर्थस्थल श्रावस्ती तक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय राजमार्ग 927 के 4-लेन, एक्सेस कंट्रोल्ड बाराबंकी-बहराइच खंड के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से श्रावस्ती जिले तक यात्रा की सुविधा में महत्वपूर्ण सुधार होने और पूर्वी उत्तर प्रदेश में पर्यटन आधारित आर्थिक विकास के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

वैश्विक महत्व होने के बावजूद, श्रावस्ती को लंबे समय से कनेक्टिविटी संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसके परिणाम स्वरूप इस स्थान की पर्यटन को लेकर संभावना सीमित रही है। नव स्वीकृत 101.5 किलोमीटर लंबा बाराबंकी-बहराइच राजमार्ग का निर्माण होने पर इस क्षेत्र को तेज, सुरक्षित और अधिक कुशल सड़क संपर्क मिलने से इस स्थिति में बदलाव होने  की उम्मीद है। एक्सेस-कंट्रोल्ड राजमार्ग के रूप में डिजाइन की गई यह परियोजना वाहनों की औसत गति को 40 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 80 किलोमीटर प्रति घंटे करके और बाराबंकी और बहराइच के बीच यात्रा के समय को लगभग 50 प्रतिशत तक कम करके – लगभग 150 मिनट से 75 मिनट तक कम कर देगी जिससे यात्रा अनुभव में उल्लेखनीय सुधार होगा।

बेहतर संपर्क व्यवस्था से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटकों को आकर्षित करने में अत्यधिक मदद मिलने की उम्मीद है। थाईलैंड, श्रीलंका, जापान और म्यांमार जैसे देशों का भारत में स्थित बौद्ध धरोहर स्थलों से गहरा आध्यात्मिक संबंध है। श्रावस्ती तक बेहतर पहुंच से इन देशों के तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। यह राजमार्ग क्षेत्र के प्रमुख राजमार्गों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और लॉजिस्टिक केंद्रों को जोड़कर बहु-मार्गीय संपर्क को भी बढ़ावा देगा, जिससे आगंतुकों के लिए सुगम और अधिक विश्वसनीय यात्रा सुनिश्चित होगी।

श्रावस्ती में बौद्ध पर्यटन के विकास से स्थानीय समुदायों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक अवसर सृजित होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से भीड़भाड़ कम करने और पर्यटकों के लिए समग्र यात्रा सुविधा और सुरक्षा बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

  1. परियोजना: 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एनएच-927 (बाराबंकी-बहराइच विस्तार)
  2. लंबाई: 101.51 किलोमीटर
  3. कुल पूंजी लागत: 6,969.04 करोड़ रुपये
  4. निष्पादन का तरीका: हाइब्रिड वार्षिकी मोड (एचएम)
  5. प्रमुख राजमार्ग संपर्क: एनएच-27, एनएच-330बी, एनएच-730
  6. राज्य के राजमार्गों से जुड़ाव: एसएच-13, एसएच -30बी
  7. प्रमुख कनेक्टिविटी:

हवाई अड्डे: लखनऊ, श्रावस्ती

रेलवे स्टेशन: बाराबंकी, रसौली, जांगीराबाद, रफीनगर, बिंदौरा, बुढ़वल, चौकाघाट, घाघराघाट, जरवल और बहराइच

लैंड पोर्ट: रूपईडीहा लैंड पोर्ट

  1. जुड़े हुए नोड:
    3 आर्थिक नोड (एसईजेड और मेगा फूड पार्क सहित), 2 सामाजिक नोड (आकांक्षी जिले), 12 लॉजिस्टिक नोड
  2. शामिल किए गए प्रमुख शहर:
    बाराबंकी, रामनगर, जरवल, कैसरगंज, फखरपुर, बहराइच
  3. रोजगार सृजन:
    36.54 लाख व्यक्ति-दिवस (प्रत्यक्ष) और 43.04 लाख व्यक्ति-दिवस (अप्रत्यक्ष)

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