शिमला : भारतीय जनता पार्टी के सहकारिता प्रकोष्ठ, जिला शिमला की परिचय बैठक आज प्रदेश अध्यक्ष नरेश चौहान की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने तथा “सहकार से समृद्धि” अभियान को जन-जन तक पहुँचाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला सोलन भाजपा आईटी संयोजक नागेंद्र कौशल ने बताया बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला शिमला के प्रत्येक मंडल में महिलाओं के स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups) तथा छोटी-छोटी सहकारी समितियों के गठन को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।
प्रदेश अध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि एवं बागवानी पर आधारित है। प्रदेश में सेब, टमाटर, लहसुन, अदरक तथा विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। इन उत्पादों को सहकारी समितियों के माध्यम से संगठित विपणन, वैज्ञानिक भंडारण, प्रसंस्करण तथा उचित मूल्य उपलब्ध कराकर किसानों और बागवानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।
चौहान ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक उन्नति का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता, आत्मनिर्भरता और समग्र ग्रामीण विकास का सशक्त आधार है। इसी उद्देश्य को लेकर प्रत्येक मंडल में सहकारिता के विस्तार तथा जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
जिला सोलन भाजपा आईटी संयोजक नागेंद्र कौशल ने बताया बैठक में सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला पदाधिकारी, मंडल संयोजक, सह-संयोजक एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे तथा सभी ने सहकारिता आंदोलन को गांव-गांव तक पहुँचाने का संकल्प लिया।















