• Home
  • हिमाचल
  • हिमाचल प्रदेश में ‘एक जिला, तीन उत्पाद’ योजना की शुरुआत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सशक्त आधार
Image

हिमाचल प्रदेश में ‘एक जिला, तीन उत्पाद’ योजना की शुरुआत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सशक्त आधार

शिमला : देश में अपनी तरह की एक अनूठी पहल करते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 के बजट में “एक जिला, तीन उत्पाद” योजना प्रारंभ की है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, स्थानीय सशक्तिकरण को बढ़ावा देना तथा प्रदेश के स्थानीय उत्पादों की वास्तविक वाणिज्यिक क्षमता को विकसित करना है।

इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले से बाज़ार की संभावनाओं के आधार पर तीन प्रमुख उत्पादों की पहचान की जाएगी। इसके पश्चात इन उत्पादों की मूल्य शृंखला को मजबूत करने, बेहतर पहचान एवं आकर्षक पैकेजिंग विकसित करने तथा बाज़ार तक पहुँच को सुलभ बनाने पर कार्य किया जाएगा, जिससे स्थानीय उत्पादकों को अधिक लाभ प्राप्त हो सके।

माननीय मुख्यमंत्री सिंह सुक्खू ने कहा, “हमारी सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है और ‘एक जिला, तीन उत्पाद’ योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।”

माननीय उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा, “यह योजना जिला स्तर की विशिष्टताओं को उजागर करते हुए सतत आजीविका के अवसर उत्पन्न करेगी तथा हिमाचल के पारंपरिक उत्पादों को सशक्त बाज़ार उपलब्ध कराएगी।”

इस योजना के अंतर्गत कृषि, बागवानी, हथकरघा एवं हस्तशिल्प जैसे विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादों को शामिल किया जाएगा, जिनमें हल्दी, अदरक, मक्का, शॉल, मसाले, कांगड़ा चाय, चित्रकला, शहद, चुल्ली तेल तथा याक ऊन जैसे उत्पाद प्रमुख हैं। ये सभी उत्पाद प्रदेश की विविध जलवायु एवं समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं।

यह योजना केवल उत्पादों के प्रोत्साहन तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण उद्यमिता को भी बढ़ावा देगी। इसमें कारीगरों, महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों तथा लघु उत्पादकों को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आपूर्ति शृंखला और बाज़ार संपर्क को सुदृढ़ कर सरकार का लक्ष्य प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना तथा जमीनी स्तर पर आय में वृद्धि करना है।

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक सुदृढ़ नीतिगत ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसमें चयनित उत्पादों के लिए चरणबद्ध प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।

अपर मुख्य सचिव (उद्योग)  (आर. डी. नज़ीम) ने कहा कि यह योजना मूल्य शृंखला विकास को संस्थागत रूप प्रदान करेगी और स्थानीय उद्योगों को केंद्रित नीतिगत सहयोग सुनिश्चित करेगी।

उद्योग आयुक्त  (डॉ. यूनुस) ने कहा कि योजना का विशेष ध्यान अंतिम छोर तक लाभ पहुंचाने पर रहेगा, ताकि कारीगरों, किसानों और जमीनी स्तर के उद्यमों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

“एक जिला, तीन उत्पाद” योजना के माध्यम से हिमाचल प्रदेश अपने पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ समावेशी एवं ग्रामीण-आधारित विकास को नई दिशा देने की ओर अग्रसर है।

Releated Posts

रामपुर उपमंडल की 19 पंचायतों में दूसरे चरण का मतदान सम्पन्न, मतदाताओं में दिखा उत्साह

रामपुर : रामपुर उपमंडल के अंतर्गत विकास खण्ड रामपुर की 13 पंचायतों तथा विकास खण्ड ननखरी की 06…

ByByadmin May 28, 2026

एसजेवीएन के 39वें स्थापना दिवस पर रामपुर एचपीएस में आयोजित हुए विविध कार्यक्रम

बायल : रामपुर जल विद्युत परियोजना में 24 मई 2026 को एसजेवीएन का 39वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह,…

ByByadmin May 25, 2026

नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पॉवर स्टेशन में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया एसजेवीएन का 39वां स्थापना दिवस

झाकड़ी : देश की गौरवशाली एवं सबसे बड़ी भूमिगत जल विद्युत परियोजना नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पॉवर स्टेशन में…

ByByadmin May 25, 2026

एसजेवीएन स्थापना दिवस पर एनजेएचपीएस में मैराथन का आयोजन

]> स्वस्थ जीवनशैली का संदेश, विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग झाकड़ी : एसजेवीएन के…

ByByadmin May 22, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top