• Home
  • हिमाचल
  • उहल चरण-तीन जल विद्युत परियोजना बनी हिमाचल की ऊर्जा शक्ति
Image

उहल चरण-तीन जल विद्युत परियोजना बनी हिमाचल की ऊर्जा शक्ति

सुक्खू सरकार के प्रभावी प्रयासों से सालाना लगभग 200 करोड़ रुपये की आय हो रही सुनिश्चित

मंडी : मंडी जिला के जोगिंदर नगर क्षेत्र में स्थित उहल चरण-तीन जलविद्युत परियोजना आज हिमाचल प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में से एक बनकर उभरी है। वर्षों तक विभिन्न तकनीकी और वित्तीय चुनौतियों का सामना करने के बाद यह परियोजना अब पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रही है। इसके सफल संचालन से प्रदेश को न केवल स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त हो रही हैबल्कि सालाना लगभग 200 करोड़ रुपये की आय भी सुनिश्चित हो रही है। यह परियोजना मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रभावी नेतृत्वबेहतरीन वित्तीय प्रबंधन और दृढ़ संकल्प की एक उल्लेखनीय सफलता की कहानी बन गई है।

उहल चरण-तीन जलविद्युत परियोजना ने अब तक लगभग 465 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो माह संचालन के दौरान लगभग 25 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की गई। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना ने 345 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। वहींवर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 95 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हो चुका है। परियोजना का वार्षिक लक्ष्य 390 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का है और प्रबंधन को विश्वास है कि इस वर्ष यह लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में इस परियोजना को नई गति मिली। मुख्यमंत्री ने मार्च, 2023 में परियोजना की समीक्षा करते हुए इसके दीर्घ अवधि से लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उनके हस्तक्षेप और विशेष रुचि के कारण परियोजना के समक्ष मौजूद वित्तीय एवं प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने में सफलता मिली।

परियोजना की वित्तीय चुनौतियों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों से केसीसी बैंक के माध्यम से लगभग 185 करोड़ रुपये का ऋण कम ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया गया। इस राशि से परियोजना के शेष बहाली एवं मरम्मत कार्य पूरे किए गए और इसे सुचारू रूप से संचालित करने में सहायता मिली। इसके साथ ही राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों के प्रयासों से पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन के ऋण पर ब्याज दर में भी कमी लाई गईजिससे परियोजना को प्रतिवर्ष लगभग 30 करोड़ रुपये की बचत होगी।

परियोजना के सफल संचालन और नियमित राजस्व प्राप्त होने से अब इसके ऋण का मूलधन तथा ब्याज चुकाने की प्रक्रिया भी प्रारम्भ कर दी गई है। इससे परियोजना की वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत हो रही है और आने वाले वर्षों में इसके और अधिक लाभकारी बनने की संभावना है।

आज उहल चरण-तीन परियोजना पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही है और सालाना लगभग 390 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। वर्तमान औसत दर लगभग 5 रुपये प्रति यूनिट के आधार पर यह परियोजना प्रतिवर्ष करीब 200 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर रही है। भविष्य में बिजली की दरों में वृद्धि के साथ इसकी आय में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

इस परियोजना की एक विशेष उपलब्धि यह भी है कि इसकी आय का 13 प्रतिशत हिस्सा सीधे हिमाचल प्रदेश सरकार को प्राप्त होगा। इससे राज्य सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 25 से 30 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगीजिसका उपयोग जनकल्याण और विकासात्मक गतिविधियों में किया जा सकेगा।

प्रबंध निदेशक देवेंद्र कुमार के अनुसार पिछले वर्ष लक्ष्य से कम उत्पादन का मुख्य कारण शानन जल विद्युत परियोजना का लगभग एक माह तक बंद रहना था। इसके कारण शानन परियोजना से मिलने वाला 23 क्यूसेक पानी उपलब्ध नहीं हो सकाजिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ। इसके बावजूद परियोजना ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और अब उत्पादन लगातार बढ़ रहा है।

जोगिंदर नगर स्थित उहल चरण-तीन जलविद्युत परियोजना आज इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि सरकार की इच्छाशक्ति मजबूत हो और प्रशासनिक तंत्र समन्वित रूप से कार्य करे तो वर्षों से लंबित परियोजनाओं को भी सफल बनाया जा सकता है। यह परियोजना न केवल प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही हैबल्कि रोजगारराजस्व और विकास के नए अवसर भी सृजित कर रही है। हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में उहल चरण-तीन परियोजना की यह सफलता आने वाले समय में अन्य परियोजनाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

Releated Posts

विधानसभा अध्यक्ष ने एंटी-चिट्टा जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी, नशामुक्ति की दिलाई शपथ

चंबा : विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध दिवस के उपलक्ष्य पर…

ByByadmin Jun 26, 2026

मुख्यमंत्री का धर्मशाला पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत

धर्मशाला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आज धर्मशाला पहुंचने पर एपीएमसी कांगड़ा के अध्यक्ष निशु मोंगरा,…

ByByadmin Jun 26, 2026

अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी निवारण दिवस को ‘एंटी-चिट्टा दिवस’ के रूप में आयोजित किया गया

शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवंबर, 2025 को आरम्भ किए गए ऐतिहासिक प्रदेशव्यापी ‘एंटी-चिट्टा…

ByByadmin Jun 26, 2026

मुख्यमंत्री ने पंजाब के राज्यपाल के समक्ष हिमाचल प्रदेश से जुड़े महत्त्वपूर्ण मुद्दे उठाए

शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद…

ByByadmin Jun 26, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top