शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवंबर, 2025 को आरम्भ किए गए ऐतिहासिक प्रदेशव्यापी ‘एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन’ के अंतर्गत चिट्टा-मुक्त हिमाचल के संकल्प को धरातल पर पूरी तत्परता से लागू करने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस बल निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए 26 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी निवारण दिवस’ को सम्पूर्ण हिमाचल में ‘एंटी-चिट्टा दिवस’ के रूप में आयोजित किया गया। हिमाचल के इतिहास में यह पहला ऐसा अवसर है, जब संपूर्ण प्रदेश में एक साथ एक ही समय पर इतनी विशाल मात्रा में नशीले पदार्थों के वैज्ञानिक निस्तारण की कार्रवाई को मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत द्वारा फ्लैग ऑफ कर संचालित और मॉनिटर किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा नशे के सौदागरों की रीढ़ तोड़ने के उद्देश्य से एक अभूतपूर्व एवं दूरगामी कार्रवाई अमल में लाई गई है। नशे के काले कारोबार के विरुद्ध प्रदेश सरकार की शून्य सहनशीलता की नीति को अपनाते हुए प्रदेशभर में 10 विभिन्न स्थानों पर एन.डी.पी.एस. अधिनियम के तहत दर्जनों मुकद्मों में भारी मात्रा में जब्त की गई मादक पदार्थों की केस प्रॉपर्टी (जब्तशुदा माल) को सामूहिक रूप से पूरी तरह नष्ट किया गया। प्रदेश भर में नष्ट किए गए इन मादक पदार्थों का कुल अनुमानित अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग 13.28 करोड़ रुपये आंका गया है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल प्रशासनिक तौर पर जब्त मादक पदार्थों का सुरक्षित निपटारा करना मात्र नहीं है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त अंतरराज्यीय और स्थानीय ड्रग माफिया और असामाजिक तत्वों को यह स्पष्ट संदेश देना है कि हिमाचल प्रदेश में उनके काले साम्राज्य के खिलाफ एक निर्णायक कार्यवाही आरम्भ हो चुकी है। प्रदेश की होनहार युवा पीढ़ी को चिट्टा और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स के दलदल से बचाकर उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना इस आंदोलन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और परिवारों को इस आंदोलन से जोड़कर एक सजग प्रहरी के रूप में खड़ा करना है।
इस अवसर पर आज प्रदेश की सभी अत्यधिक प्रभावित पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों एवं शासकीय अधिकारियों की उपस्थिति में नशा निवारण समितियों की बैठक का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नशे के विरुद्ध प्रदेश सरकार की शून्य सहनशीलता की नीति को धरातल पर सख्ती से लागू करना है।
प्रदेश के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और शासकीय कार्यालयों में नशे के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने के लिए शपथ भी दिलाई गई।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा समस्त प्रदेशवासियों से आह्वान किया गया कि चिट्टा अथवा अन्य किसी भी मादक पदार्थ की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से संबंधित कोई भी सूचना तत्काल 112 या निकटतम पुलिस थाना को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा प्राप्त प्रत्येक सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व, जनसहयोग तथा युवाओं की सक्रिय भागीदारी से हिमाचल प्रदेश पुलिस ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता, दृढ़ संकल्प एवं निरंतर कार्रवाई के साथ आगे बढ़ रही है।














