• Home
  • हिमाचल
  • पंचायतों को सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही प्रदेश सरकार: केवल सिंह पठानिया
Image

पंचायतों को सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही प्रदेश सरकार: केवल सिंह पठानिया

शिमला : उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया की अध्यक्षता में आज हिम ऊर्जा के अधिकारियों के साथ ग्रीन पंचायत योजना की प्रगति को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के अंतर्गत विभिन्न पंचायतों में स्थापित किए जा रहे सौर ऊर्जा संयंत्रों की प्रगति, विद्युत उत्पादन तथा आगामी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
उप-मुख्य सचेतक ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार प्रत्येक पंचायत को सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन पंचायत योजना के माध्यम से पंचायतों को स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा से जोड़ने के साथ-साथ ई-व्हीकल चार्जिंग अवसंरचना को भी चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से पंचायतों की आय में वृद्धि होगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा प्रत्येक पंचायत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
बैठक में अधिकारियों द्वारा अवगत करवाया गया कि ग्रीन पंचायत योजना के अंतर्गत हिम ऊर्जा द्वारा चयनित 24 पंचायतों में से अब तक चार पंचायतों में 500 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों से विद्युत उत्पादन सफलतापूर्वक आरंभ कर दिया गया है। इनमें जिला सोलन की ममलीग, जिला सिरमौर की पाशमी तथा जिला शिमला की पराली और धरेच पंचायतें शामिल हैं।
केवल सिंह पठानियां ने कहा कि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की परगोड़ पंचायत में परियोजना का कार्य पूर्ण हो चुका है। ग्रिड कनेक्टिविटी के लिए सचिव ऊर्जा के समक्ष मामला उठाया गया है तथा आवश्यक अनुमति प्राप्त होने के उपरांत जुलाई के प्रथम सप्ताह में वहां भी विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।
उप-मुख्य सचेतक ने कहा कि प्रत्येक 500 किलोवाट क्षमता की इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 8 लाख यूनिट विद्युत का उत्पादन होगा, जिससे लगभग 28 लाख रुपये की वार्षिक आय प्राप्त होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि परियोजना से प्राप्त कुल राजस्व का 25 प्रतिशत संबंधित ग्राम पंचायत, 25 प्रतिशत अनाथ एवं विधवाओं के कल्याण के लिए, 20 प्रतिशत प्रदेश सरकार को, 10 प्रतिशत हिम ऊर्जा को तथा शेष 20 प्रतिशत परियोजना के संचालन एवं रख-रखाव के लिए हिम ऊर्जा को प्रदान किया जाएगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास और स्थानीय लोगों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
बैठक में हिम ऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमल कांत सरोच, परियोजना निदेशक नरेंद्र चौहान तथा विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

Releated Posts

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ढली के विद्यार्थियों ने वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत किया जलागम क्षेत्र का शैक्षणिक भ्रमण

]> विद्यार्थियों ने प्रकृति का निकट से अवलोकन करते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में जल, जंगल एवं…

ByByadmin Oct 9, 2026

बाहरा विश्वविद्यालय में पर्यटन सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों ने रचा उपलब्धियों का नया अध्याय

]> अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति के निकट आने और साहसिक पर्यटन का अनुभव प्राप्त करने…

ByByadmin Oct 6, 2026

गांधी जयंती पर रामपुर एचपीएस में स्वच्छता ही सेवा अभियान–2026 का समापन

]> प्रभावित पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष स्वच्छता बैठक आयोजित, उत्कृष्ट योगदान के लिए महिला मंडलों एवं…

ByByadmin Oct 3, 2026

मुख्यमंत्री सुक्खू का रामपुर पहुंचने पर एनजेएचपीएस परियोजना प्रमुख ने किया स्वागत

]> तीन दिवसीय रोहड़ू-रामपुर दौरे के दौरान शिंगला हेलीपैड पर हुआ आगमन रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री…

ByByadmin Oct 2, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top