शिमला। वन विश्राम गृह तारादेवी में आज आयोजित वन क्षेत्रीय कर्मचारी कल्याण संघ की महत्वपूर्ण बैठक में संगठनात्मक एकता, पारदर्शिता और कर्मचारी हितों को सर्वोपरि रखते हुए शिमला वन मंडल (ग्रा०) की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। बैठक वृत स्तर की कार्यकारिणी के मार्गदर्शन तथा राज्य महासचिव श्री दिनेश कुमार की सहमति से सम्पन्न हुई।
बैठक में सभी परिक्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने का संकल्प लिया। चुनाव प्रक्रिया पूर्णतः लोकतांत्रिक एवं पारदर्शी वातावरण में सम्पन्न हुई, जिसमें सभी पदाधिकारी सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित किए गए।

नव-निर्वाचित पदाधिकारी इस प्रकार हैं:
प्रधान: सुनील दत्त (वन रक्षक,) कोटी वन परिक्षेत्र
महासचिव: नीरज हरनोट (वन रक्षक) मशोबरा वन परिक्षेत्र
वरिष्ठ उपप्रधान: द्रौपदी (उप वनराजिक) मशोबरा वन परिक्षेत्र उपप्रधान: रवि हरनोट (वन रक्षक) धामी वन परिक्षेत्र, लोभू राम (वन रक्षक) कोटी वन परिक्षेत्र, प्रीति शर्मा ( वरिष्ठ वन रक्षक) मशोबरा वन परिक्षेत्र, राम कृष्ण ( वन रक्षक) भज्जी वन परिक्षेत्र,
सहसचिव: पंकज कुमार (वन रक्षक) भज्जी वन परिक्षेत्र, भीम सिंह ( वरिष्ठ वन रक्षक) तारादेवी वन परिक्षेत्र
कोषाध्यक्ष: रीना कुमारी (वरिष्ठ वन रक्षक) तारादेवी वन परिक्षेत्र
प्रेस सचिव: महेश (वन रक्षक) तारादेवी वन परिक्षेत्र व साहिल (वन रक्षक) तारादेवी वन परिक्षेत्र
मुख्य सलाहकार: मुनीष कुमार (उप वन राजिक), दीपक शर्मा (उप वनराजिक), विपिन नेगी (उप वनराजिक), योगेश कुमार (उप वनराजिक)।
नवनिर्वाचित प्रधान सुनील दत्त ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन की प्राथमिकता कर्मचारियों के हितों की रक्षा, पारदर्शी कार्यप्रणाली, आपसी समन्वय और विभागीय समस्याओं के समाधान हेतु सशक्त पहल करना रहेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रत्येक सदस्य की आवाज़ को संगठन के मंच पर उचित स्थान दिया जाएगा।

राज्य महासचिव दिनेश कुमार ने भी नव-निर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा कि एकजुटता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि नई टीम कर्मचारी कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करेगी और शिमला वन मंडल को संगठनात्मक दृष्टि से नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।
बैठक सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई तथा अंत में सभी सदस्यों ने संगठन की मजबूती और कर्मचारी हितों की रक्षा हेतु सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई।
















