शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के अंतर्गत ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश पुलिस द्वारा निरंतर, प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम के द्वितीय चरण में 09 मार्च, 2026 को राज्यभर में 24 घंटे का विशेष ‘इंटर-स्टेट’ एवं ‘इंटर-डिस्ट्रिक्ट’ नाका अभियान संचालित किया गया।
पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि जिला पुलिस, एस.टी.एफ. एवं बटालियन की संयुक्त कार्रवाई के अंतर्गत प्रदेश भर में कुल 176 चिन्हित स्थानों पर विशेष नाकाबंदी की गई। सुरक्षा एवं सतर्कता को प्राथमिकता देते हुए, अभियान के दौरान 20,230 वाहनों की गहन जांच की गई।
सघन जांच के परिणामस्वरूप, एन.डी.पी.एस. अधिनियम के अंतर्गत 05 अभियोग पंजीकृत किए गए जिनमें 08 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1.221 किलो ग्राम चरस, 07 ग्राम चिट्टा बरामद करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी 866 चालान व सीओटीपीए अधिनियम के तहत 12 चालान किए गए। अभियान की वैज्ञानिक सटीकता सुनिश्चित करने के लिए संदिग्ध पाए गए 21 व्यक्तियों के रक्त एवं मूत्र के नमूने विधि-सम्मत प्रक्रिया के अनुसार संकलित किए गए हैं, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जा सके। यह संपूर्ण अभियान
आधुनिक तकनीकी निगरानी और अंतर-जिला समन्वय के साथ संपन्न हुआ।
यह राज्य-स्तरीय विशेष अभियान खुफिया सूचनाओं और अंतर-जिला समन्वय के आधार पर अत्यंत व्यवस्थित रूप से क्रियान्वित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में नशा तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
इसके अतिरिक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को चिट्टे एवं नशे की आदत को बढऩे से रोकना तथा ऐसे एकांत स्थलों पर विकसित हो रही समूह-आधारित नशा प्रवृत्तियों को समाप्त करना है, जो युवाओं को चिट्टे और नशे की ओर आकर्षित करती हैं।
उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि चिट्टा एवं नशे से संबंधित कोई भी सूचना तुरंत दूरभाष नंबर 112 या नजदीकी पुलिस थाना में दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णत: गोपनीय रखी जाएगी। मुख्यमंत्री के सशक्त नेतृत्व और युवाओं की सहभागिता से हिमाचल पुलिस, प्रदेश में चिट्टे को समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।















