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शिमला जिला के 14 विकास खंडों में बागवानों के लिए फल पौधों की किस्में उपलब्ध

॥> ड्रिप इरिगेशन लगाने के लिए 80 प्रतिशत अनुदान योजना का लाभ उठाएं

शिमला : उपनिदेशक उद्यान जिला शिमला डॉ. कर्म सिंह वर्मा की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 70 अधिकारियों ने भाग लिया। शिविर में सेब एवं अन्य फल पौधों को बागवानों तक सही स्थिति में पहुंचाने एवं धरातल से ऊंचाई अनुसार किस्मों का चयन करने की जानकारी दी गई तथा फल प्रदर्शनी एवं संतति पौध शाला दतनगर रामपुर में पूरे हिमाचल प्रदेश के सरकारी नर्सरियों में तैयार सेब व अन्य फल पौधों को खंड स्तर पर बागवानों को आबंटन के लिए भेजा गया।
उन्होंने बताया कि जिला शिमला के 14 विकास खंड में 30 दिसंबर, 2022 से न्यूनतम फल पौधों की किस्में बागवानों को दी जा रही है। सभी बागवानों को पहले जिन बागवानों ने मांग की है उनको उपलब्ध करवाएगा, उसके बाद ‘पहले आओ-पहले पाओÓ आधार पर दिए जाएंग।
उन्होंने उद्यान प्रसार अधिकारी ,उद्यान विकास अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ उद्यान को क्षेत्र में पौधे वितरित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि विदेश से आयात न्यूनतम किस्मों एवं स्वयं फल संतति केंद्रों में तैयार किए गए सेब के पौधों को खंड स्तर पर पहुंचा कर वितरित किया जाएगा। सेब फल की नई किस्मों में फल गुणवत्ता एवं अच्छे आकार में बनते हैं। न्यूनतम किस्मों जिसके परिणाम बागवानों को अच्छे आ रहे है के कारण नई किस्मों की ज्यादा मांग है।
इस बार बागवानी विभाग में जिला शिमला के बागवानों के लिए रेड केप वैलटॉयड, किन्ग रोट, सुपर चीफ, स्कारलेट स्पर-2, जेरोमाइन, चलान स्पर, कैमरोन सिलेक्ट, शैलेट स्र्प, रॉयल रेड हनी क्रिस्प, क्रिमसन टोपाज, रेड केमियो, प्रीमियर हनी क्रिस्प, कोर्टलेनड, अरली रेड वन, अविल अरली फ्यूजी, ऐजटेक् फ्यूजी, सन फ्यूजी, डार्क वेरॉन गाला, गाला शिंनिगा शिंको, गाला विनस फिंगल, गाला वाल, रेडलम गाला, गेल गाला, अलटीमा गाला, बैजेन्ट् गाला, ग्रैंनि स्मिथ, जिंजर गोल्ड, गिब्सन गोल्डन, इसके अलावा केवल रूट स्टॉक भी उपलब्ध रहेंगे बड- 9,10,118, एमला -9,7,26,106,111, एम एम -111, पाजाम-2 तथा सेब की किसमें विभिन्न रूट स्टोक जेसे जेनेवा- 11,16 ,41,935, बड- 9,10,118 एमला 9, 26,111 ,पाजाम -2 ,एम -9 ज्337 पर उपलब्ध रहेगी।
डॉ. कर्म सिंह वर्मा ने कहा कि इस बार गत वर्षों की अपेक्षा सेब के पौधों की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण बागवानों की मांग ज्यादा है। उन्होंने कहा कि सेब के पौधे लेने के इच्छुक बागबान 30 दिसंबर, 2022 से अपने नजदीकी उद्यान विकास अधिकारी कार्यालय से ले सकते हैं। उन्होंने कहा सेब के रूट स्टोक का मूल्य 100 रुपये एवं सेब पौधों का मूल्य 150 एवं 400 होगा। कुल सेब पौध एवं रूट स्टॉक 53000, नाशपाती प्लम आड़ू के 1651 पौध, जिला शिमला के 10 सेब बहुल क्षेत्र ननखरी, रामपुर, नारकंडा, ठियोग, मशोबरा, कोटखाई, जुब्बल, चैपाल, रोहडू तथा चिढग़ांव विकास खंड के माध्यम से वितरित किए जाएंगे।
डा संजय कुमार विषय विशेषज्ञ उद्यान रोहडू ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि आप फल पौध को मिट्टी में ट्रेनच बना कर समय-समय पर पानी दें ताकि बागवानों को अच्छे पौध सही स्थिति में मिले।
डॉ. कुशाल सिंह मेहता विषय विशेषज्ञ उद्यान डोडरा क्वार ने कहा कि विश्व बैंक पोषित परियोजना के तहत 2016 से सेब के पौधों में अच्छे फल लगने तथा बागवानों को अच्छे रेट मिलने के कारण इस साल रूट स्टॉक पर सेब किस्मों की अच्छी मांग है और बागवानों से 30 दिसंबर, 2022 से अपने नजदीकी उद्यान विकास अधिकारी कार्यालय से फल पौध की खरीद करने की अपील की।
बागवान तीन (प्लांटिंग मटिरियल, स्थान, पर्सन) को ध्यान में रखते हुए अपना बगीचा लगाए क्यूंकि अच्छा बगीचा लगने के लिए जहां अच्छे प्लांटिंग मटिरियल की जरूरत होती है वहीं अच्छे स्थान व जगह जहां बगीचा लगना है का होना जरूरी है साथ में पर्सन जिसने बगीचा लगाना है को जानकारी न हो तो एक अच्छा बगीचा लगना असंभव है।
वैज्ञानिक के अनुसार अच्छा बगीचा (निर्णय व डिजाईन) पर निर्भर है। अगर बागवान निर्णय एवं डिजाइन वैज्ञानिक परामर्श से करें तो एक अच्छा बगीचा लगाया जा सकता है।
डॉ. दलीप सिंह नरगेटा विषय विशेषज्ञ उद्यान मशोबरा ने कहा कि बागवान किस्मों का चयन अपने बगीचे की धरातल से ऊंचाई अनुसार करें।
डॉ. राजीव खगटा विषय विशेषज्ञ ठियोग के अनुसार बागवान किस्मों एवं पौध रोपण की जानकारी के लिए अपने अधिक जानकारी के लिए नजदीकी विषय विशेषज्ञ उद्यान से संपर्क करे या कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक से सलाह लें।
डॉ. सुनील दत विषय विशेषज्ञ कोटखाई के अनुसार सेब के अलावा इस वर्ष नाशपाती एवं प्लम के पौध भी वितरित किए जाएंगे। शिमला जिले के निचले क्षेत्र में पिछले कई वर्षो से नाशपाती एवं प्लम के अच्छे दाम बागवानों को मिल रहे हैं, जिसके कारण इनकी मांग इस वर्ष ज्यादा है।
डॉ. संतोष मेहता उद्यान विकास अधिकारी फल एवं संतति केंद्र दतनगर ने सभी अधिकारियों को जानकारी दी कि बागवानों को फल पौधों को वितरित करते हुए वैज्ञानिक पद्धति से लगाने की जानकारी भी मुहैया कराएं।
रूट स्टॉक के पौधों में नमी हेतु बागवानी वास्पा लाइन एवं अच्छा धन प्रयोग में लाए साथ में ड्रिप इरिगेशन लगाने के लिए संपूर्ण दस्तावेज इ उद्यान पोर्टल पर ऑनलाइन करें ताकि बागवानी विभाग द्वारा 80 प्रतिशत अनुदान पर बागवानों को इस योजना का लाभ मिले।
बागवान जिला शिमला में विषय विशेषज्ञ उद्यान मशोबरा डॉ. दलीप सिंह नरगेटा 9418132917, ठियोग डॉ. राजीव खगटा 9418116110, कोटखाई डॉ. सुनील शर्मा 9418175167, रामपुर डॉ. अश्विनी कुमार 9459350800, रोहडू डॉ. संजय कुमार 9418061371 तथा डोडरा क्वार में डॉ. कुशाल सिंह 9418028337 से सम्पर्क कर सकते हैं।