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प्रदेश सरकार के कार्यकाल में हर क्षेत्र का हुआ अभूतपूर्व विकास : महेन्द्र सिंह ठाकुर

शिमला : जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने आज यहां कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश में हर क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। प्रदेशवासी केंद्र सरकार और विशेषकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं कि प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। श्री मोदी का प्रदेश से हमेशा गहरा लगाव रहा है और वह हिमाचल को अपना दूसरा घर मानते हैं। यही कारण है कि प्रदेश को एम्स, पीजीआई सेटेलाइट सेंटर, मेडिकल कॉलेजों, कई राष्ट्रीय उच्च मार्गों, अटल टनल रोहतांग तथा मेडिकल डिवाइसिस पार्क और बल्क ड्रग फार्मा पार्क की सुविधा मिली है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए सिरमौर जिला के हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया है। हाटी समुदाय का यह मुद्दा वर्ष 1967 से लम्बित था। इस निर्णय के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ी भूमिका निभाई। इस फैसले से पच्छाद, श्री रेणुकाजी, पांवटा साहिब और शिलाई विधानसभा क्षेत्रों के लगभग 1.60 लाख लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस निर्णय के दायरे से बाहर रखा गया है।
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर प्रदान कर रही है। युवाओं को स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने कई नई योजनाएं आरंभ कर उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के द्वार खोले हैं। प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना, मुख्यमंत्री स्टार्टअप जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के अंतर्गत युवाओं को अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए 25 से 35 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है जिससे प्रदेश के हजारों युवा लाभान्वित हुए हैं।
महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जिला ऊना में स्वीकृत बल्क ड्रग फार्मा पार्क और जिला सोलन के नालागढ़ में स्थापित किए जा रहे मेडिकल डिवाइस पार्क से प्रदेश के हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में रिकॉर्ड भर्तियां की गई हैं।
उन्होंने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार ने सेना के वीर जवानों को सम्मान प्रदान करते हुए उनके हितों की रक्षा की है। केंद्र सरकार ने पूर्व सैनिकों की लम्बे समय से अटकी पड़ी वन रैंक वन पेंशन की मांग को पूरा करते हुए देश के पूर्व सैनिकों को लाभान्वित किया है जिनमें हिमाचल प्रदेश के हजारों पूर्व सैनिक भी शामिल हैं। इसी प्रकार, केन्द्र सरकार द्वारा लागू की गई अग्निपथ योजना भी युवाओं के हित में है जिसे लेकर उनमें भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना के अन्तर्गत प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जा रही भर्ती रैलियों में प्रदेश के युवा बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अग्निपथ योजना के तहत चार भर्ती रैलियां आयोजित की जा रही है जिनमें हमीरपुर और कांगड़ा भर्ती रैलियां चल रही है और शिमला और मंडी में भर्ती रैलियां आयोजित की जाएंगी। हमीरपुर जिला में आयोजित भर्ती में हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर के 21881 उम्मीदवार पंजीकृत थे और 16547 उम्मीदवारों ने इसमें भाग लिया। कांगड़ा जिला में आयोजित भर्ती रैली में कांगड़ा और चंबा के 40485 उम्मीदवार पंजीकृत थे और 23100 उम्मीदवारों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त 30 सितम्बर से 9 अक्तूबर, 2022 तक मंडी में एक भर्ती रैली आयोजित करवाई जाएगी जिसके लिए 19200 उम्मीदवारों ने पंजीकरण करवाया है। शिमला, सिरमौर, सोलन व किन्नौर जिलों के लिए रामपुर में 12 से 18 अक्तूबर तक प्रस्तावित भर्ती रैली के लिए 16900 उम्मीदवारों ने पंजीकरण करवाया है।
महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों और बागवानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। बागवानों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से 1 अप्रैल, 2022 के बाद खरीदे जाने वाले सेब पैकेजिंग कार्टन व पेटियों पर जीएसटी कर को 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इससे बागवानों को लगभग 20 करोड़ रुपये का लाभ होने का अनुमान है। प्रदेश सरकार ने इस दिशा में बागवानी विभाग और एचपीएमसी के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है।
उन्होंने कहा कि किसानों व बागवानों से बिल प्राप्त होने के पश्चात् उन्हें 6 प्रतिशत जीएसटी राशि वापिस की जाएगी। प्रदेश सरकार ने जीएसटी काउंसिल के समक्ष इस कर को बागवानी सम्बन्धित पैकिंग, ग्रेडिंग व उपकरणों पर पांच प्रतिशत तक करने के लिए मामला उठाया है।
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्थापित सभी सी.ए स्टोर की निगरानी, कीमत, नियंत्रण एवं सुधार के लिए राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी द्वारा सभी सी.ए. स्टोर का निरीक्षण किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने सेब के लिए आयात शुल्क 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने और सेब को ओपन जनरल लाइसेंस की सूची से अलग करने के लिए केन्द्र सरकार के व्यापार एवं वाणिज्य मंत्रालय के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।