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वर्ष के सबसे बड़े शहरी स्वच्छता उत्सव की तैयारी पूर्ण

नई दिल्ली : वर्ष के सबसे बड़े शहरी स्वच्छता उत्सव के आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 1 अक्टूबर 2022 को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आज़ादी@75 स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के सबसे स्वच्छ राज्यों और शहरों को सम्‍मानित करेंगी। अपशिष्‍ट मुक्त शहर बनाने के अपने आकांक्षात्मक दृष्टिकोण के साथ यह दिवस प्रधानमंत्री द्वारा 1 अक्टूबर 2021 को स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के शुभारंभ की प्रथम वर्षगांठ को चिन्ह्ति करेगा।   

पुरस्कार समारोह में  केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी, आवासन और शहरी कार्य राज्‍य मंत्री कौशल किशोर, शहरी विकास मंत्री और देशभर के महापौर सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। इस दौरान विभिन्न श्रेणियों में 160 से अधिक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में राज्य और शहर के प्रशासक, क्षेत्रीय साझेदार, विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ युवा संगठन, स्वच्छता कार्यकर्ता, उद्योग प्रतिनिधि, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र के स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थान, गैर-सरकारी संगठन और सीएसओ सहित लगभग 1,800 अतिथि भागीदारी करेंगे। इस समारोह का सीधा प्रसारण देखने हेतु नागरिकों के लिए शहरों के प्रमुख स्थानों पर स्क्रीन भी लगाई जाएंगी।

वर्षों से शहरों की संख्या में हो रही लगातार वृद्धि स्वच्छ सर्वेक्षण के पैमाने का प्रमाण है। 2016 में 73 प्रमुख शहरों और 2017 में 434 शहरों के सर्वेक्षण से स्वच्छ सर्वेक्षण का 7वां संस्करण दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण बन चुका है, जिसमें 4,355 शहर सर्वेक्षण में भाग ले चुके हैं। “पीपुल फर्स्ट” विषय के साथ इस वर्ष के सर्वेक्षण में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए 9 करोड़ से अधिक की अभूतपूर्व संख्या में नागरिकों की प्रतिक्रिया मिली है, जबकि यह पिछले वर्ष 5 करोड़ थी।

स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण 2022 में कुछ महत्वपूर्ण नए पहलू पेश किए गए हैं। उदाहरण के लिए, सैंपलिंग के लिए पिछले वर्षों में 40 प्रतिशत की तुलना में सर्वेक्षण के दायरे का विस्तार 100 प्रतिशत वार्डों को शामिल करने के लिए किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं की प्रतिक्रिया को जानने को प्राथमिकता दी गई हैं। छोटे शहरों के लिए पुरस्कारों के अधिक अवसरों का सृजन किया गया है। स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण 2022 परिणामों के आधार पर नागरिकों के लिए उनके संबंधित शहरों की स्वच्छता स्थिति को देखने के लिए ‘सिटी रिपोर्ट कार्ड’ पेश किया गया है। ‘सफाई मित्र सुरक्षा’ को सभी शहरों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े स्मारकों/पार्कों को नागरिकों के नेतृत्व वाली भागीदारी के माध्यम से आजादी के आंदोलन में शामिल किया गया है।

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा इस पुरस्कार समारोह का आयोजन 17 सितंबर 2022 से 2 अक्टूबर 2022 तक स्वच्छ अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में किया जा रहा है, जब भारत एसबीएम-शहरी की उपलब्धियों के आठ वर्ष का उत्‍सव मना रहा है। एक पखवाड़े तक चलने वाले इस समारोह में एसबीएम-यू 2.0 के समग्र उद्देश्यों के अनुरूप अनूठी पहलों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। इस समारोह का शुभारंभ 17 सितंबर को अपनी तरह की पहली भारतीय स्वच्छता लीग के साथ हुआ, जहां 1,850 से अधिक शहरों में लगभग 5 लाख युवाओं और नागरिकों ने टीमों का गठन किया और समुद्र तटों, पहाड़ियों और सार्वजनिक स्थलों को स्‍वच्‍छ करने के लिए प्रतिस्पर्धा की। 30 सितंबर को एमओएचयूए द्वारा शीर्ष 70 टीमों को सम्मानित किया जाएगा। एमओएचयूए ने 20 सितंबर को एक अभिनव स्टार्टअप चैलेंज के माध्यम से अपशिष्‍ट प्रबंधन क्षेत्र में 30 शीर्ष स्टार्टअप की पहचान की, ताकि शहरों को स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन में विभिन्न प्रकार की जमीनी स्तर की चुनौतियों का समाधान करने में सहायता मिल सके। इन प्रयासों को बनाए रखने के लिए, एक ऑनलाइन स्टार्टअप गेटवे भी शुरू किया गया है जहां स्टार्टअप शहरों के लाभ के लिए अपने समाधानों को प्रदर्शित कर सकते हैं। 26 सितंबर को मंत्रालय द्वारा ‘वेस्ट टू वेल्थ’ दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और खिलौनों के निर्माण में अपशिष्‍ट के पुन: उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए एक बेहद अभिनव चुनौती- स्वच्छ टॉयकैथॉन शुरू की गई। समारोह से पहले के दो दिन “स्वच्छ शहर – संवाद और तकनीकी प्रदर्शनी” जैसी क्षमता निर्माण पहल के लिए समर्पित रहे, जिसमें विशेष रूप से नगरपालिका ठोस अपशिष्ट और तरल अपशिष्ट के प्रबंधन से संबंधित विषयों पर आधारित तकनीकी और प्रशासनिक चर्चाएं शामिल थीं, ताकि राज्य अपशिष्‍ट मुक्त स्थिति की दिशा में जारी अपनी रणनीतियों, सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए अपने शहरों को सक्षम बना सके।

पिछले आठ वर्षों में, मिशन ने देश के कोने-कोने में ‘पीपुल फर्स्ट’ फोकस के साथ बहुत से नागरिकों के जीवन में बदलाव ला दिया है। मिशन ने 70 लाख से अधिक घरों, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करके शहरी भारत में स्वच्छता स्थिति को बदलते हुए सभी के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक स्वच्छता समाधान प्रदान किया है। एसबीएम-यू ने महिलाओं, ट्रांसजेंडर समुदायों और दिव्यांगों की जरूरतों को प्राथमिकता दी है। वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर देने से भारत में अपशिष्ट प्रसंस्करण की स्थिति 2014 के 18 प्रतिशत से चार गुना बढ़कर आज 73 प्रतिशत हो चुकी है। 98 प्रतिशत वार्डों में 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर अपशिष्‍ट संग्रह और 89 प्रतिशत वार्डों में नागरिकों द्वारा लिखित रूप से अपशिष्‍ट के स्रोत को अलग-अलग करने के माध्यम से इसे सहायता प्रदान की गई है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मिशन सीवर सफाई और सेप्टिक टैंक की सफाई के कार्यों में शामिल सभी श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण को संस्थागत रूप देते हुए स्वच्छता श्रमिकों और अनौपचारिक अपशिष्ट श्रमिकों के जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने में सक्षम बना है।

1 अक्टूबर 2021 को स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के शुभारंभ ने स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परिणामों की स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करते हुए स्वच्छता के अगले चरण के लिए मंच तैयार किया। यह मिशन अब ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों में प्रवास करने वाली अतिरिक्त आबादी की सेवा के लिए स्वच्छता सुविधाओं तक पूर्ण पहुंच सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में पूर्ण तरल अपशिष्ट प्रबंधन-एसबीएम-शहरी 2.0 के तहत पेश किया गया एक नया घटक, यह सुनिश्चित करने के लिए शामिल किया जा रहा है कि सभी अपशिष्ट जल को सुरक्षित रूप से समाहित, एकत्रित, परिवहन और उपचारित किया जाए ताकि किसी भी तरह का अपशिष्ट जल हमारे जल निकायों को प्रदूषित न कर सकें। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में, यह मिशन अपशिष्‍ट से मूल्य की अधिकतम वसूली प्राप्‍त करने के लिए अपशिष्‍ट स्रोत के पृथक्करण की व्‍यवस्‍था को भी कार्यान्वित कर रहा है। इसके साथ-साथ अपशिष्‍ट रिसाइक्लिंग सुविधाओं की स्थापना, अपशिष्‍ट प्रसंस्करण सुविधाएं, निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाएं, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी), शहरों में यांत्रिक सफाई कर्मियों की तैनाती के अलावा हर शहर में एकल उपयोग प्लास्टिक को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के केंद्रित प्रयासों पर भी कार्य कर रहा है। शहरों को अपशिष्‍ट मुक्त बनाने के उद्देश्य से सभी पुरानी डंप साइटों का समाधान एसबीएम-यू 2.0 के तहत किए जाना भी एक अन्य महत्वपूर्ण घटक में शामिल है। गहन सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) और व्यवहार परिवर्तन गतिविधियों के माध्यम से, यह मिशन ‘जन आंदोलन’ या लोगों के आंदोलन को और तेज और मजबूत करेगा जो एसबीएम-यू का पर्याय बन गया है।

इस पुरस्कार समारोह से स्वच्छता के प्रति शहरों के पूर्ण समर्पण को न केवल एक उपयुक्त सम्मान मिलने की आशा है, अपितु यह कार्यक्रम सभी के लिए शहरी भारत को एक स्वच्छ, स्वस्थ और अधिक समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में अपनी प्रतिज्ञा को फिर से दोहराने के लिए एक स्पष्ट आह्वान भी है।