Categories

वन विभाग कालोनी के नालों की नगर निगम शिमला करेगा चैनलाईजेशन : पूर्ण मल

शिमला : हिमाचल प्रदेश वन विभाग की मिस्ट चैंबर कालोनी के मध्य से गुजरने वाले नाले की चैनालाईज़ेशन को नगर निगम शिमला द्वारा मंजूरी दी गई है। जल्द ही इसका कार्य पूरा होगा। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश बादल ने एक प्रैस बयान में दी। प्रकाश बादल ने बताया कि शिमला की मिस्ट चैंबर खालीनी की वन विभाग कालोनी के बीच से गुजरने वाले नाले की चैनालाईज़ेशन न होने के कारण कालोनी के अनेक भवनों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया था। इस चैनलाइज़ेशन से अब कालोनी में भूस्खलन नहीं होगा और नाले से गुजरने वाला पानी सीधा कालोनी से बहार निकलेगा।
प्रकाश बादल ने इस सम्बन्ध में नगर निगम से नाले के चैनालाईज़ेशन की मांग उठाई थी। हाल ही में एसोसिएशन ने खालीनी वार्ड के पार्षद पूर्णमल से शिष्टाचार भेंट की जिसमें पूरनमल ने वन विभाग कालोनी के नाले की चैनालैज़ेशन करने की पुष्टि की है। पूर्णमल ने एसोसिएशन को बताया कि खालीनी वार्ड में उन्होंने अपने कार्यकाल में अनेक कार्य किये हैं, जिसके चलते खालीनी की मिस्ट चैंबर और हनुमान टेम्पल कालोनी में अनेक विकास कार्य किये गए हैं। इससे पहले हनुमान टेम्पल कालोनी के नाले की चैनलाइज़ेशन की जा चुकी है और रास्तों में टाईलें लगा कर सुधारा जा चुका है। इसके अतिरिक्त लगभग साठ लाख रुपये की लागत से सीवरेज लाइन को भी चौड़ा किया गया है। कालोनी के कर्मचारियों के लिए हनुमान टेम्पल कालोनी में बच्चों के खेलने के लिए भी एक पार्क बनाया गया है।
मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश बादल ने नगर निगम से यह भी आग्रह किया है कि बीसीएस झींझड़ी सड़क के निर्माण के लिए चल रहे प्रपोज़ल को जल्द पूरा किया जाए ताकि इस सड़क के निर्माण से वन विभाग कालोनी के मध्य से गुजरने वाली सड़क पर सामान्य ट्रैफिक कम किया जा सके और दुर्घटनाओं की संभावनाओं पर भी रोक लग सके। पूर्णमल ने एसोसिएशन को आश्वासन दिया कि वो इस सड़क के निर्माण में पूर्ण सहयोग करेंगे लेकिन यह फाईल वन विभाग के पास लंबित पड़ी है, विभाग इसे तुरंत क्लीयर करवाने में मदद करेगा तो वो इस सड़क निर्माण कार्य को पूरा करने में पूरा योगदान देंगे। पूर्णमल ने मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन को आश्वासन दिलाया कि उनके ध्यान में वन विभाग कालोनी से संबधित जो भी समस्या लाई जाएगी वो उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर करेंगे।