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सांप्रदायिक, घोर जातिवादी व परिवारवादी है कांग्रेस : कंगना

नेहरु से लेकर राजीव रहे आरक्षण के विरोधी,धार्मिक आधार पर आरक्षण कांग्रेस की मंशा
प्रतिभा सिंह ने नहीं दिए विक्रमादित्य को अच्छे संस्कार : कंगना
गुंडागर्दी व महिला विरोधियों के खिलाफ वोट करेगी मंडी की जनता

कुल्लू : मंडी लोकसभा प्रत्याशी का कंगना रनौत ने आज लाहौल स्पीति के उदयपुर व अन्य दर्जन भर स्थानों पर चुनाव प्रचार अभियान में भाग लिया उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन व कांग्रेस पार्टी सांप्रदायिक,घोर जातिवादी व परिवारवादी है 70 सालों तक इन्ही विषयों पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने राजनीति की है कांग्रेस ने गरीब, एससी-एसटी, ओबीसी, महिलाओं, देश के हर वर्ग को धोखा दिया। इसलिए आज उनके पास सिर्फ एक ही वोट बैंक बचा है। आज ये लोग एक वोट बैंक को खुश करने के लिए धर्म के आधार पर आरक्षण छीनकर बांटना चाहते हैं। अगर आंबेडकर नहीं होते तो आरक्षण विरोधी नेहरू एससी-एसटी को आरक्षण नहीं मिलने देते। नेहरू ने मुख्यमंत्रियों को चि_ी लिखकर इसका विरोध किया था। नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक इस परिवार के जितने पीएम हुए, सब ने आरक्षण का विरोध किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा विश्व आज भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनते हुऐ देख रहा है भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार तेजी से अपने कदम आगे बढ़ा रही है व फिर एक बार देश की वाग डोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में देने का मन देश ने बना लिया है इंडी कांग्रेस नेताओ की सोच विभाजनकारी है।लाहौल-स्पीति की देवतुल्य जनता भलीभांति समझती है कि कांग्रेस तानाशाही और गुंडागर्दी को महत्व देती है और दूसरी ओर भाजपा है, जिसका मूलमंत्र ”सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयासÓÓ है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि लाहौल-स्पीति के परिवारजन तानाशाही व रजवाड़ा शाही पर वोट की चोट देंगे।

कंगना रनौत ने कांग्रेस प्रत्याशी पर हमला बोलते हुए कहा अगर प्रतिभा सिंह ने विक्रमादित्य को अच्छे संस्कार दिए होते तो वह इस प्रकार से महिलाओं की अस्मिता व महिला विरोध में टिप्पणियां ना कर रहे होते। कभी उन्हें एक महिला के मंदिरो में जाने से आपत्ति होती है तो कभी वो एक महिला के चरित्र पर सवाल उठाते हैं।

उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य सिंह की पहचान फेसबुक के नेता के रूप में है मंडी लोकसभा के लिए उनका व उनके परिवार का विजन कहां था जब उनके परिवार के सदस्य खुद मंडी से सांसद रहे खुद भी वो पिछले 15 महीनों से मंत्री हैं केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाना छोड़ कर वह खुद बताएं कि उन्होंने प्रदेश में उन्होंने क्या कार्य किए। वो मात्र चुनाव जीतने के बड़ी बड़ी बातें कर सकते हैं जिनका कोई सिर पैर नहीं होता। विक्रमादित्य बताएं अगर वो इतना ही विजन मंडी के लिए रखते हैं तो सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के विरोध में क्यों प्रदेश सरकार के साथ खड़े रहे। उन्होंने ने कहा कि मंडी लोकसभा की देवतुल्य जनता भली भांति समझती है कि कांग्रेस और इनके नेता किस तरह से महिलाओं की निजता व अस्मिता पर प्रश्न उठाते हैं।